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आजकल के दौर में बढ़ रही बीमारियों में माइग्रेन भी एक है। वैसे तो सिरदर्द एक सामान्य बीमारी है जो जल्द ही ठीक हो जाता है लेकिन माइग्रेन से होने वाला सिर दर्द असहनीय होता है।  यह बीमारी भागदौड़ भरी जिंदगी, ​अनियमित खानपान, तनाव भरे जीवन और पोषक तत्वों की कमी के चलते तेजी से बढ़ रही है। माइग्रेन का दर्द सिर के एक तरफ के हिस्से से शुरू होता है और उसके बाद पूरे सिर में फैल जाता है। कभी-कभी यह लगभग चार घंटे से लेकर 72 घंटे तक बना रहता है। पहले के समय में यह सिर्फ उम्रदराज लोगों में देखा जाता था लेकिन अब यह किसी भी आयु वर्ग में हो रहा है। ध्वनि, प्रकाश, उल्टियाँ और सिर के केंद्र में होने वाला दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं।

माइग्रेन के लक्षण :-

  • नींद की कमी माइग्रेन का एक बड़ा लक्षण है।
  • अगर भावनाओं में परिवर्तन आने लगे तो समझ लें आप माइग्रेन के रोगी हैं।
  • साइनस की शुरुआत माइग्रेन की शरुआत का लक्षण है।
  • माइग्रेन में आंखों से पानी निकलना आम बात है।
  • माइग्रेन में ज्यादा चॉकलेट खाने का मन होता है।
  • सिर के एक ओर तेजी से दर्द होना माइग्रेन का लक्षण है।
  • माइग्रेन के कारण आंखों में दर्द होता है।
  • हाथ-पैरों में दर्द होना माइग्रेन का शरुआती लक्षण है।
  • माइग्रेन में बार-बार पेशाब आती है।

उपचार:-

माइग्रेन से होने वाले दर्द की रोक-थाम के लिए कुछ घरेलू नुस्खे निम्न हैं।

नस्य कर्म -सिर के जिस भाग में दर्द हो, पहले उस ओर के नथुने में घी की बूंदें टपकानी चाहिए | गरम करके ठण्डा किया हुआ सरसों का तेल भी उस ओर के नथुने में डालने अथवा सूघने से दर्द दूर होता है | पांच-सात दिन ऐसा करने से व्यक्ति रोगमुक्त हो जाता है |

पुदीने का तेल- इस तेल में एंटी इंफ्लैमटरी गुण होते हैं जो सिर दर्द में आपको राहत दे सकते हैं। इसकी कुछ बूंदे जीभ पर रखने और कुछ अपने सिर पर लगा कर मालिश करने से माइग्रेन से आराम मिलता है।

आराम करें- ध्यान सिर दर्द को दूर करने में काफी कारगर होता है। माइग्रेन के इलाज के लिए ध्यान करना सबसे अच्छा तरीका होगा।

बर्फ का पैक- बर्फ के टुकड़े एक पैक में लेकर सिर दर्द की जगह पर रखें। बर्फ में एंटी इंफ्लैमटरी गुण होते है जिससे सिर का दर्द ठीक हो सकता है। आप चाहें तो किसी और ठंडी चीज़ का पैक भी बना सकते है।

विटामिन बी का सेवन- मस्तिष्क विकार जो माइग्रेन का मुख्य कारण होता है, अकसर विटामिन बी की कमी से पैदा होते हैं। विटामिन बी युक्त पदार्थों का सेवन करने से सिर दर्द से राहत मिल सकती है। माइग्रेन से बचने के लिए अपने भोजन में विटामिन बी युक्त पदार्थ शामिल करें।

जड़ी बूटियों का उपयोग- कैफीन युक्त पदार्थ जैसे चाय या कॉफ़ी पीने से भी माइग्रेन में राहत मिलती है। सिर दर्द में बाम को प्रयोग में लाएं। सिर पर बाम की हलकी मसाज देने पर रक्त संचार सामान्य हो जाता है तथा माइग्रेन से आराम मिलता है।

कमरे में अंधेरा करना- अक्सर तेज़ रोशनी से सिर का दर्द बढ़ जाता है। इस कारण अँधेरे और शांत कमरे में बैठने से भी माइग्रेन ठीक होता है।

योग- योग से माइग्रेन में काफी आराम मिल सकता है।

 

माइग्रेन से बचने के उपाय (Ayurvedic tips for Migraine Pain)

1.संतुलित व पौष्टिक आहार का प्रयोग करें।

2.भोजन का समय तय कर समयनुसार भोजन करें।

3.किसी भी बात का तनाव न ले और सकारात्मक विचार बनाए रखें।

4.अपनी पूरी नींद ले।

5.थकान महसूस होने पर विश्राम करें।

6.हल्के हाथ से सर में मालिश करें।

7.खुद को व्यस्त रखें और ऐसे काम जिससे आपका मन संतुष्ट हो।

8.किसी भी तरह के विवाद और तनाव से बचें। किसी से घमंड न करें।

 

बीमारी होने पर आहार का रखें ध्यान (Diet in Migraine)

माइग्रेन की शिकायत होने पर रोगी को अपने खाने पीने का विशेष ख्याल रखना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार माइग्रेन के रोगी को अपने खाने में निम्नलिखित चीजों का प्रयोग करना चाहिए-

1.संतुलित व पौष्टिक आहार ही खाएं।

2.देशी घी (विशेष तौर पर गाय के घी) से बना पदार्थ जैसे मालपुआ, जलेबी, हलुआ आदि का आधिक प्रयोग करें।

3.देशी घी में चीनी मिलाकर खाने से माइग्रेन में आराम मिलता है।

4.माइग्रेन होने पर ताजे फल व हरी सब्जियों का बहुत ज्यादा प्रयोग करें।

5.पौष्टिक तत्वों के लिए दूध, दलिया व पनीर का बहुत अधिक प्रयोग करें।